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10वीं में दो मौक़े और 12वीं की कॉपियां डिजिटल चेक: इस साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं क्यों हैं अलग
दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फ़रवरी से शुरू हो चुकी हैं.
इस बार 46 लाख से अधिक स्टूडेंट्स इन बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं.10वीं कक्षा की परीक्षा की शुरुआत गणित के पेपर से हुई. यह वो विषय है जिससे कई स्टूडेंट्स घबराते भी हैं.हालांकि इस बार 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए एक अहम बदलाव किया गया है. अगर कोई स्टूडेंट अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है, तो उसे दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा – लेकिन कुछ शर्तों के साथ.तो वहीं, 12वीं कक्षा की आंसर शीट्स को इस बार डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के ज़रिए चेक किया जाएगा.ये बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लाए गए हैं, जिनका मक़सद परीक्षा के दबाव को कम करना, मूल्यांकन को पारदर्शी और तेज़ बनाना है.ऐसे में सवाल उठता है कि यह डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम क्या है और10वीं की परीक्षा दो बार देने का क्या मतलब है. इसके लिए योग्य कौन है.


