भारत के पास सिर्फ़ 5 दिन का रणनीतिक तेल भंडार, कैग ने पहले ही दी थी चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है
- भारत के रणनीतिक तेल भंडार सिर्फ़ पांच दिन की मांग पूरी कर सकते हैं, क्योंकि कुल क्षमता का एक-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा खाली पड़ा है. यह बात बीबीसी के विश्लेषण में सामने आई है.
हालांकि सरकार ने पिछले साल बताया था कि भारत की कुल भंडारण क्षमता लगभग 74 दिन की है.
कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (सीएजी) की 2025 में जारी ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक़, इन भंडारण सुविधाओं का सालों से पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ है.
ईंधन की कमी की आशंका ने कई भारतीय शहरों में घबराहट में ख़रीदारी को बढ़ावा दिया, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
राज्यसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडारण है. उन्होंने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविध बनाया है और संकट से निपटने के लिए भंडारण को प्राथमिकता दी है.हालांकि, इसी हफ़्ते पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में बताया था कि भारत के कच्चा तेल का भंडार कुल क्षमता का लगभग 64% है.
राज्य सभा में दिए गए जवाब के अनुसार, भारत के पास आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तीन जगहों पर 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कच्चे तेल को रणनीतिक भंडार में रखने की क्षमता है.
इसमें से 3.372 एमएमटी अभी भरा हुआ है, यानी क्षमता का एक-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा खाली है.


